जब तवज्जो, हमदर्दी और जज़्बाती सहारा आहिस्ता आहिस्ता आज़माइश बन जाए
औरतों के लिए एक ख़ामोश फ़रेब जिस तरह बाज़ मर्द “नजात देहंदा” बनने के एहसास में उलझ जाते हैं, उसी तरह बाज़ ख़वातीन भी लाशऊरी तौर पर एक…
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औरतों के लिए एक ख़ामोश फ़रेब जिस तरह बाज़ मर्द “नजात देहंदा” बनने के एहसास में उलझ जाते हैं, उसी तरह बाज़ ख़वातीन भी लाशऊरी तौर पर एक…
कुछ आदतें ऐसी होती हैं जो इंसान के दिल को आहिस्ता आहिस्ता कमज़ोर कर देती हैं। इब्तिदा में वो मामूली लगती हैं, मगर वक़्त के साथ रूह की र…
अकाउंट्स ऑफ़िस के बाहर उस दिन ग़ैर मामूली रौनक थी। सब लोग हाजी बशीर साहब से हाथ मिला रहे थे, उन्हें मुबारकबाद दे रहे थे। किसी के चेहरे…
बसरा के क़रीब एक ऐसा शख़्स रहता था जो अपने गुनाहों और बदअमालियों की वजह से लोगों में बदनाम था। लोग उससे नफ़रत करते थे और उससे दूर रहने मे…
दो दोस्त हाथ मिला कर खड़े होते हैं, फिर उन हाथों पर गर्म चाय डाल दी जाती है। जो पहले हाथ छोड़ दे वो बे-वफ़ा क़रार पाता है, और जो हाथ न छो…
मियाँ बीवी होटल में क़ियाम के दौरान एहतियात क्यों ज़रूरी है? अगर आप अहले-ख़ाना के साथ किसी सफ़र पर हों और होटल में क़ियाम करना पड़ जाए, त…
बाज़ औक़ात वक़्त की रफ़्तार हमारे लिए रुक सी जाती है। ज़िंदगी का एक-एक लम्हा गराँ गुज़रता है, और ये कैफ़ियत ज़्यादातर उस वक़्त पैदा होती …
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